बहुत भीड़ है इस महुब्बत के शहर मैं.....
मैंने तुझे शब्दों में महसूस किया है••लोग तो तेरी तस्वीर पसंद करते हैं ..!!!
टकरा जाता हूँ अक्सरमैं तेरे साये से••तुम दिखते जब नही हो तोमहसूस क्यों होते हो मुझे..!!
बेवजह हो गयी तुमसे इतनी मुहब्बत••चलो अब वजहभी बन जाओ जीने की...!!
उज़ड़ जाते है सर से पाव तक वो लोग••जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह मोहब्बत करते है..!!
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